छत्तीसगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय हरेली बर्ड फेस्टिवल के दौरान राज्यभर में कुल 211 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई। 14 से 16 अगस्त तक चले इस आयोजन में प्रदेश के 33 जिलों से 1,000 से अधिक पक्षी प्रेमियों और नागरिक पर्यवेक्षकों ने भाग लिया।
इस दौरान प्रतिभागियों ने जंगलों, नदी-तालाबों, आर्द्रभूमि, कृषि क्षेत्रों, संरक्षित वन क्षेत्रों और शहरी इलाकों में पक्षियों का अवलोकन किया। सर्वेक्षण के दौरान 954 eBird चेकलिस्ट तैयार की गईं, जिससे प्रदेश में पक्षियों की प्रजातियों और उनके आवास का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड तैयार हुआ।
आयोजन का उद्देश्य केवल पक्षियों की संख्या और प्रजातियों को दर्ज करना नहीं था, बल्कि उनके प्राकृतिक आवास, वितरण और जैव-विविधता की बेहतर समझ विकसित करना भी था। यह जानकारी भविष्य में पक्षी संरक्षण और पर्यावरण प्रबंधन की योजनाएं तैयार करने में उपयोगी हो सकती है।
सर्वेक्षण में पेंटेड स्टॉर्क, रेड-नेप्ड आइबिस, ब्लैक बिटर्न और फीजेंट-टेल्ड जैकाना जैसी विभिन्न पक्षी प्रजातियां भी दर्ज की गईं।
बस्तर जैसे वन एवं जैव-विविधता से समृद्ध क्षेत्र के लिए इस तरह के पक्षी सर्वेक्षण विशेष महत्व रखते हैं। पक्षियों की प्रजातियों और उनके आवास में होने वाले बदलावों की नियमित निगरानी से जंगलों और आर्द्रभूमि के स्वास्थ्य को समझने में मदद मिल सकती है।