फरसगांव (कांगेर लाइव)- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विविध आयोजनों के साथ सामाजिक ताना-बाना का एक संगम होता है। जहां पर आसपास के दर्जनों गांव से ग्रामीण एकत्र आते हैं। मां दंतेश्वरी की दर्शन पाकर अपने क्षेत्र की विकास व आस्था साथ ही सामाजिक जीवन को आगे बढ़ाने के लिए प्रार्थना करते है।
मटकी फोड़ का आयोजन पिछले 26 वर्षों से बड़े धूमधाम से किया जाता है।
मां दंतेश्वरी जी के पावन धरा पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का यह पर्व लंबे वर्षो से मनाया जा है। जहां हजारों की संख्या में मंदिर में दर्शन करते हैं मंदिर के पुजारी बताते हैं ,कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रातः 4:00 बजे से ही लोग लाइन लगाकर मंदिर का दर्शन के लिए लग जाते हैं। यह पर्व बहुत वर्षों से बनाने की परंपरा रही है, बड़े डोंगर का यह मंदिर रियासत कालीन से ही जो कि बस्तर की प्राचीन राजधानी की मान्यता प्राप्त है, सभी राजाओं का राजतिलक इसी मंदिर में होता रहा है । यह बस्तर का प्रमुख केंद्र हुआ करता था।