जगदलपुर(कांगेर लाइव)- बस्तर संभाग के किसानों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी सौगात दी है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी खरीफ विपणन वर्षों के लिए संभाग में 29 नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जगदलपुर के अध्यक्ष दिनेश कश्यप एवं उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
अध्यक्ष दिनेश कश्यप एवं उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा ने कहा कि 29 नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति बस्तर के किसानों के हित में ऐतिहासिक और सराहनीय निर्णय है। विशेषकर दूरस्थ, वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। अब किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उनके समय, श्रम और परिवहन खर्च की बचत होगी।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की विशेष पहल से बस्तर संभाग में धान खरीदी व्यवस्था को और अधिक सुगम, सुलभ एवं किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।बस्तर संभाग के सभी सात जिलों में नवीन धान उपार्जन केंद्र खोले जाएंगे। इनमें बस्तर जिले में 11, कांकेर में 6, कोंडागांव में 6, बीजापुर में 1, सुकमा में 2, दंतेवाड़ा में 1 तथा नारायणपुर में 2 केंद्र शामिल हैं।नए केंद्रों के शुरू होने से दूरस्थ क्षेत्रों के किसानों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में ही धान बेचने की सुविधा मिलेगी। इससे मौजूदा उपार्जन केंद्रों पर दबाव भी कम होगा और धान खरीदी की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित एवं सुचारु होगी।नवीन उपार्जन केंद्रों में बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए फिंगरप्रिंट एवं आईरिस उपकरण, कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, जनरेटर, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र और नमी मापक यंत्र सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही बिजली, इंटरनेट, प्रकाश, पेयजल, पहुंच मार्ग, पर्याप्त भंडारण स्थान और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।दिनेश कश्यप एवं श्रीनिवास मिश्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह निर्णय बस्तर के किसानों के प्रति उसकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ धान विक्रय की प्रक्रिया को उनके लिए आसान बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप का बस्तर संभाग के किसानों की ओर से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।