25 साल बाद बस्तर में फिर शुरू हुआ कोरंडम खनन, युवाओं को मिलेगा रोजगार

1 सितंबर 2026

बस्तर की खनिज संपदा को अब नई पहचान मिलने की उम्मीद है। बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम क्षेत्र के कुचनूर में करीब 25 साल बाद एक बार फिर कोरंडम खनन शुरू हुआ है। खास बात यह है कि अब सिर्फ खनन तक सीमित न रहक

25 साल बाद बस्तर में फिर शुरू हुआ कोरंडम खनन, युवाओं को मिलेगा रोजगार

बीजापुर जिले के कुचनूर में करीब 25 साल बाद दोबारा शुरू हुआ कोरंडम खनन अब बस्तर के लिए रोजगार और आर्थिक विकास का नया अवसर बन सकता है।


छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी CMDC और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौते के तहत स्थानीय युवाओं और शिल्पकारों को कोरंडम की पहचान, कटिंग, पॉलिशिंग और जेम्स्टोन हैंडलिंग का आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।


इसका उद्देश्य केवल खनिज निकालकर बेचने के बजाय स्थानीय स्तर पर उसका मूल्य बढ़ाना है। कोरंडम से आभूषण और रत्न उत्पाद तैयार कर उन्हें ‘बस्तर ब्रांड’ के तहत बाजार में उतारने की योजना है।


कुचनूर खदान के संचालन से अब तक 14 स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल चुके हैं। आगे कटिंग-पॉलिशिंग, आभूषण निर्माण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग जैसी गतिविधियों के बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।


साथ ही बीजापुर के अन्य क्षेत्रों में कोरंडम के संभावित भंडारों की पहचान और अन्वेषण का काम भी जारी है। इस पूरी पहल का लक्ष्य बस्तर की खनिज संपदा को स्थानीय कौशल और कारोबार से जोड़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है।

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