वनांचल से उठी आत्मनिर्भरता की लौ

17 सितंबर 2026

PM सूर्यघर योजना से बिजली उपभोक्ता से 'ऊर्जादाता' बने धमतरी के धरमदास

वनांचल से उठी आत्मनिर्भरता की लौ

धमतरी(कांगेर लाइव)- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल नगरी क्षेत्र में बसा छोटा सा गांव उमरगांव आज ऊर्जा आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश कर रहा है। यहां के निवासी श्री धरमदास मानिकपुरी ने 'प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' को अपनाकर न केवल अपने घर को रोशन किया है, बल्कि एक साधारण बिजली उपभोक्ता से 'ऊर्जादाता' बनने का शानदार सफर भी तय किया है।

        ​प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा योजना के शुभारंभ कार्यक्रम से प्रेरित होकर श्री मानिकपुरी ने अपने घर की छत पर 2 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित करवाने का संकल्प लिया था। कुल 1.40 लाख रुपये की लागत वाले इस संयंत्र के लिए उन्हें केंद्र और राज्य सरकार से 60 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। उन्होंने मात्र 14 हजार रुपये की अग्रिम राशि दी और शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से सुलभ हो गई। इस एक फैसले ने उनकी जिंदगी बदल दी; जिस घर में पहले हर महीने 800 से 1000 रुपये तक बिजली का बिल आता था, अब वह बिल पूरी तरह शून्य हो चुका है। इतना ही नहीं, अपनी जरूरत से ज्यादा उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर वे हर माह अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी कमा रहे हैं।

       ​यह योजना राज्य के हजारों परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। इसमें 30 हजार से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते में जमा की जाती है, जबकि जनसमर्थन पोर्टल के माध्यम से मात्र 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर बैंक ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है। पीएम सूर्यघर पोर्टल या ऐप के जरिए पंजीयन से लेकर चयनित वेंडर द्वारा संयंत्र स्थापना, नेट मीटर लगाने और सब्सिडी ट्रांसफर तक की पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और सरल बनाया गया है।

       ​श्री धरमदास मानिकपुरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना वास्तव में आम जनता के जीवन में नया उजाला ला रही है। इससे न केवल घरेलू खर्च कम हो रहा है और पर्यावरण को लाभ पहुंच रहा है, बल्कि प्रदेश भी ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वनांचल के उमरगांव जैसे दूरस्थ गांवों में फैला यह सौर प्रकाश आत्मनिर्भर भारत के सपने को धरातल पर साकार कर रहा है।

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