ट्रैक्टर में बैठकर ग्रामीणों तक पहुंचे सुकमा पुलिस के कप्तान बुलंद हौसलों के आगे खतरे भी हुए कमजोर

22 अगस्त 2026

अरलमपल्ली पहुंचे एसपी मयंक गुर्जर व एएसपी रोहित शाह हाथों से खिलाई मिठाई बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं के लिए आयोजित सहयोग कार्यक्रम के दौरान सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को उपयोगी सामग्र

ट्रैक्टर में बैठकर ग्रामीणों तक पहुंचे सुकमा पुलिस के कप्तान बुलंद हौसलों के आगे खतरे भी हुए कमजोर

सुकमा(कांगेर लाइव)-सुकमा जिले के दुर्गम इलाकों में पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास की नई तस्वीर सामने आई है। थाना पोलमपल्ली क्षेत्र के भारी बारिश, उफनती नदी और दुर्गम रास्तों की नहीं की परवाह सुदूर ग्राम अरलमपल्ली में जब लगातार बारिश के कारण रास्ते मुश्किल हो चुके थे और नदी-नाले उफान पर थे, तब भी सुकमा के पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह के कदम नहीं रुके। ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए पुलिस अधिकारियों ने खराब मौसम और दुर्गम परिस्थितियों की चुनौती स्वीकार की और नदी पार कर गांव पहुंचे।


इलाके में विश्वास कायम करने की कवायद


'निवा दुवड़ ते' यानी पुलिस तुम्हारे द्वार पर अभियान के तहत पहुंची पुलिस एसपी मयंक गुर्जर की टीम ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। यह महज पुलिस का दौरा नहीं, बल्कि उन इलाकों में विश्वास कायम करने की कोशिश थी, जहां कभी नक्सलवाद के डर से शासन-प्रशासन की पहुंच सीमित रही थी। एसपी मयंक गुर्जर और एएसपी रोहित शाह ने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए गांव की मौजूदा परिस्थितियों, विकास कार्यों और बुनियादी जरूरतों की जानकारी ली। ग्रामीणों ने नक्सल प्रभाव कम होने के बाद क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए पुल-पुलिया, आवागमन और अन्य सुविधाओं की जरूरत भी अधिकारियों के सामने रखी।


अरलमपल्ली पहुंचे एसपी मयंक गुर्जर व एएसपी रोहित शाह हाथों से खिलाई मिठाई

बच्चों से लेकर युवाओं और महिलाओं के लिए आयोजित सहयोग कार्यक्रम के दौरान सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को उपयोगी सामग्री वितरित की गई। बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल और स्कूल बैग दिए गए तथा उन्हें नियमित स्कूल जाने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं को साड़ी और चप्पल वितरित की गई, जबकि ग्रामीणों के बीच मिठाई का वितरण भी किया गया। युवाओं को खेल सामग्री देकर उन्हें खेल गतिविधियों से जुड़ने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।


बारिश व दुर्गम रास्तों के आगे नहीं झुका हौसला


अरलमपल्ली पहुंचने के लिए पुलिस अधिकारियों को खराब मौसम के बीच दुर्गम रास्तों से गुजरना पड़ा और नदी-नाले पार करने पड़े। ऐसे हालात में अधिकारियों का ग्रामीणों के बीच पहुंचना यह संदेश देता है कि पुलिस अब केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि दूरस्थ गांवों के लोगों की समस्याओं और जरूरतों को समझने के लिए भी उनके बीच पहुंच रही है।


पुलिस से बेहिचक करें संपर्क


एसपी मयंक गुर्जर ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सुकमा पुलिस सुरक्षा, सहायता और सेवा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ग्रामीणों से किसी भी समस्या की स्थिति में पुलिस से बेझिझक संपर्क करने की अपील की।


संवाद ने दिया सुरक्षा का भरोसा


अरलमपल्ली जैसे दुर्गम क्षेत्र में भारी बारिश के बीच पुलिस अधिकारियों का खुद ग्रामीणों के बीच पहुंचना 'निवा दुवड़ ते अभियान की भावना को जमीन पर साकार करता दिखाई दिया। खास बात यह रही कि अधिकारियों ने औपचारिक मुलाकात तक सीमित रहने के बजाय ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं। खतरों से भी नहीं डिगे पग और कठिन परिस्थितियों के बीच ग्रामीणों तक पहुंचने का यह प्रयास सुकमा पुलिस की जनसेवा और पुलिस-जन विश्वास को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकल रहे इन दूरस्थ इलाकों में ऐसे संवाद न केवल सुरक्षा का भरोसा देते हैं, बल्कि ग्रामीणों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

साझा:

बस, इतनी ही थी यह खबर।

आगे भेज दीजिए — बस्तर की खबर बस्तर तक पहुँचनी चाहिए।

ग्रुप में भेजिए
लिखने वाले
संपादकीय डेस्क desk

इनकी सारी खबरें

इसी सिलसिले में

संबंधित खबरें