बेसुली एजुकेशन हब में परेशान छात्राएं रो पड़ीं

23 अगस्त 2026

एकलव्य विद्यालय की छात्राओं की शिफ्टिंग पर बेसुली हब में गहराया संकट

बेसुली एजुकेशन हब में परेशान छात्राएं रो पड़ीं

एकलव्य विद्यालय की छात्राओं की शिफ्टिंग पर बेसुली हब में गहराया संकट

जर्जर भवन से शिफ्टिंग और क्षमता का संकट लोहण्डीगुड़ा के गढ़िया स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का पुराना भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ था। नए भवन का निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण जिला शिक्षा प्रशासन ने अस्थायी कदम उठाते हुए एकलव्य विद्यालय की 480 छात्राओं को बेसुली एजुकेशन हब में स्थानांतरित (शिफ्ट) कर दिया। हालांकि, बेसुली परिसर की कुल आवासीय क्षमता भी केवल 480 ही है। क्षमता से दोगुना दबाव पड़ने के कारण वहां पहले से अध्ययनरत कन्या परिसर की छात्राओं की दैनिक दिनचर्या, आवास और अध्ययन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।


मौके पर पहुंचे अधिकारी, छात्राओं और पालकों का फूटा गुस्सा व्यवस्था बिगड़ने की सूचना पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बेसुली हब पहुंचे। अधिकारियों के समक्ष कन्या परिसर की छात्राएं अपनी समस्याएं बताते हुए भावुक होकर रो पड़ीं। छात्राओं ने बताया कि आवास, शौचालय और दैनिक गतिविधियों में भारी असुविधा हो रही है। इस पर उपस्थित अभिभावकों का रोष भड़क उठा और उन्होंने प्रशासनिक कुप्रबंधन पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।


अभिभावकों की चेतावनी: टीसी (TC) कटवाने और रायपुर में शिकायत का ऐलान पालकों ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की बुनियादी सुविधाओं और पढ़ाई के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने एकलव्य विद्यालय की छात्राओं के लिए तत्काल कोई पृथक और समुचित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की, तो वे अपने बच्चों का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) कटवा लेंगे और राज्य स्तर पर रायपुर जाकर उच्च शिक्षा अधिकारियों से मामले की शिकायत करेंगे।


प्रशासनिक आश्वासन और समाधान की चुनौती जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने पालकों और छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी पक्षों की बात को संवेदनशीलता से सुना गया है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि दोनों विद्यालयों के बच्चों की सुरक्षा, पढ़ाई और आवासीय सुविधाओं पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। फिलहाल, सीमित संसाधनों में दोनों संस्थानों के लगभग एक हजार विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुचारू व्यवस्था तैयार करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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